मेरे पिता का विश्वास –
मेरी सफलता की असली नींव
दुनिया रिस्क देख रही थी, और मेरे पिता मुझ पर दांव लगा रहे थे।
मुनाफे की खुशी हो या घाटे का डर, उन्होंने कभी मेरा हाथ नहीं छोड़ा।
उनका यही भरोसा मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
"कोई बात नहीं बेटा,
चिंता मत कर, आगे देख।"